नई दिल्लीः भारत सरकार ने संसद और राज्यसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने को लेकर 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल प्रस्तावित किया था। गुरुवार को लोकसभा में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण में संशोधन के लिए विधेयक पेश किया, जिससे 2029 में होने वाले लोकसभा चुनाव में इसे लागू किया जा सके। वहीं, यह आरक्षण पहले 2026 की जनगणना के आधार पर लागू होना था, जिसे अब 2011 के आधार पर किया जाएगा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने के बाद लोकसभा और राज्यसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इससे पहले लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी मात्र 13.6 प्रतिशत ही है। यह आरक्षण अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों में भी लागू होगा। इस अधिनियम को लागू करने के लिए परिसीमन करना जरूरी है। इसी कारण केंद्र की मोदी सरकार ने लोकसभा में गुरुवार को यह विधेयक पेश किया है। वहीं, पूरा विपक्ष इस विधेयक के खिलाफ सरकार का विरोध करता दिखाई दे रहा है।







