रायपुर। छत्तीसगढ़ की 25वीं वर्षगांठ पर राज्य को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा तोहफा दिया है। पीएम मोदी ने शुक्रवार को रायपुर के नवा रायपुर स्थित सेक्टर-24 में देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम — शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय — का लोकार्पण किया। यह संग्रहालय उन आदिवासी वीरों को समर्पित है जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपने प्राण न्योछावर किए।
आदिवासी वीरों को श्रद्धांजलि
संग्रहालय का नाम छत्तीसगढ़ के पहले शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर रखा गया है। उन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ विद्रोह कर जन अधिकारों की लड़ाई लड़ी थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि यह संग्रहालय उन सभी जनजातीय नायकों की स्मृति को सहेजने का प्रयास है जिन्होंने देश और राज्य की अस्मिता की रक्षा की।

50 करोड़ की लागत से बना डिजिटल संग्रहालय
लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से बने इस अत्याधुनिक म्यूजियम में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यहां वीएफएक्स, डिजिटल स्क्रीन, प्रोजेक्शन सिस्टम और क्यूआर कोड स्कैनिंग जैसी सुविधाएं हैं, जिससे दर्शक हर ऐतिहासिक प्रसंग को वर्चुअल रूप में अनुभव कर सकते हैं।
14 सेक्टरों में सजे आदिवासी आंदोलनों की झलक
संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के 14 प्रमुख आदिवासी आंदोलनों — हल्बा, सरगुजा, परलकोट, सोनाखान, भूमकाल और झंडा सत्याग्रह — की कहानी को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है। हर सेक्टर में जनसंघर्षों की प्रेरक घटनाओं को डिजिटल माध्यम से दिखाया गया है।

परंपरा और आधुनिकता का संगम
संग्रहालय परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह और बिरसा मुंडा की प्रतिमाएं स्थापित की गई है। यहां पारंपरिक जनजातीय कला और आधुनिक स्थापत्य का सुंदर मेल दिखाई देता है। यह परिसर श्रद्धांजलि स्थल के साथ-साथ नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बनेगा।
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